Enter your email address: मैल पर फीड बर्नर से प्राप्त लिंक Verify करे यह तो ऐसा ही है इसे कोई नहीं बदल सकता ? दुष्ट है पापी है विकारी है सब को सदा ही दुःख देता है ये कभी नहीं बदल सकता बहुत बार हम किसी आत्मा के बारे में हम ऐसी धारणा बना लेते है आप instant किसी भी आत्मा पर उनके कर्म के according कोई भी stamp नहीं लगाओ…, अर्थात यह पागल है, यह ठीक नहीं हो सकता, यह धोखेबाज़ है या यह विकारी है…।आपके अन्दर हर तरह की आत्मा के लिए, सूक्ष्म रीति स्नेह और सहयोग देने की भावना हो, ताकि वो अपना हिसाब-किताब सहज रीति चुक्तु कर अपनी मंज़िल पर पहुँच सके…।* इस तरह किसी भी आत्मा के बारे में आपके अन्दर संकल्प ना आये, क्योंकि यह हिसाब-किताब clear करने का कहो या climax period कहो, ऐसा समय होने के कारण आत्मायें भिन्न-भिन्न part play कर रही हैं…। चाहे वो अन्दर खाते ,(internally) ऐसी नहीं हैं…। देखो, बाप भी तो आपकी सारी कर्म कहानी जानता था। फिर भी बाप ने...